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देख ही को जाव हरी थारी आंख का आंसु
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थारी याद सतावे रोजाना मारे बुलबुल का सा बच्चा
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तू भी मार लिया रोवा की थोड़ा दिन मौज कर ले
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भाभी मारो आशिक पिकअप चलाव
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